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goat farming promotion : बकरी पालकों के लिए खुशखबरी, प्रदेश सरकार दे रही लाखों का लोन

goat farming promotion

ग्रामीण इलाकों में बकरी पालन प्रोत्साहन goat farming promotion व्यवसाय काफी बड़ी तादात में किया जाता है। इस व्यवसाय की खासियत है कि इसे कम लागत में शुरू किया जा सकता है। यही नहीं बकरी पालन के लिए किसानों को मध्यप्रदेश पशुपालन विभाग की ओर से प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

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पिछले दिनों मध्यप्रदेश सरकार की और से बकरी पालन प्रोत्साहन goat farming promotion के उद्देश्य से पशुपालन सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें बकरी पालन प्रोत्साहन goat farming promotionमुख्य आकर्षण का केंद्र रहा |

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शुरू होगी कृत्रिम गर्भाधान योजना

प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी मंत्री प्रेम सिंह पटेल के मुताबिक़ प्रदेश सरकार किसानों को बकरी पालन प्रोत्साहन goat farming promotion के लिए आधुनिक तकनीक सीखा रही है साथ ही अच्छी आय लेने के लिए टिप्स भी दे रही है । मंत्री पटेल ने बकरी पालकों को बैंक लोन में आ रही कठिनाइयों को जल्द दूर करने का आश्वासन भी दिया है |

दरअसल बकरी उत्पादों की मांग बाजार में बढ़ रही है। प्रदेश में उच्च नस्ल की बकरी वंश को बढ़ाने के लिए कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम कुछ जिलों में जल्द ही शुरू होने जा रहा है जिसके तहत वैज्ञानिक तरीके से बकरी पालन प्रोत्साहन goat farming promotion और समय पर टीकाकरण, की सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी |

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बकरी पालन में प्रदेश को पांचवा स्थान

वेटनरी काउंसिल ऑफ इण्डिया के अध्यक्ष डॉ. उमेश चन्द्र शर्मा के मुताबिक़ बकरी पालन में मध्यप्रदेश देश में पांचवें स्थान पर है वहीँ विश्व में भारत दूसरे स्थान पर बढ़त बनाए हुए है। इस व्यवसाय को और आगे ले जाने के लिए बकरी की उच्च नस्ल को बढ़ाना जरुरी है जिसके लिए कृत्रिम गर्भाधान ही एक प्रमुख माध्यम है ।गौरतलब है कि भारत में अच्छी नस्ल का बकरा एक से डेढ़ लाख रुपए में मिलता है। कृत्रिम गर्भाधान से पालक को यह सुविधा हिमीकृत स्ट्रॉ (frozen straw) से मात्र 70 रुपए में उपलब्ध हो जाएगी। गौरतलब है कि प्रदेश में पिछली पशु गणना के मुकाबले बकरियों की संख्या में 38 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है |

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बकरी पालन के आसान तरीके

बकरी पालन की शुरुआत शुद्ध नस्ल की 5-10 बकरियों से करें, और अनुभवी व्यक्ति से राय लें।
बकरी पालन करने वाले किसानों को अपनी बकरियोंं का बीमा करना चाहिए ताकि संभावित हानि होने पर भरपाई हो सके।
बकरी पालक को चाहिए कि वजन के कारण अच्छी नस्ल का बकरा नहीं बेचें बल्कि इससे बकरियों के वंश को बढ़ाएं।
बाजार में डिब्बा बंद मीट की डिमांड बढ़ रही है। इस लिहाज से बकरी पालन अब मुनाफे का व्यवसाय बनाता जा रहा है।
बकरी के दूध की भी बाजार में डिमांड हैं। साबुन, शैम्पू उत्पादक इसके दूध को खरीदते हैं। वहीं संक्रामक रोग में बकरी का दूध काफी फायदेमंद रहता है। इसलिए इसके दूध से भी काफी अच्छी कमाई की जा सकती है।

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राहुल कुमार शर्मा

में राहुल कुमार शर्मा News Merchants.com हिंदी ब्लॉग का को-फाउंडर हूँ तथा जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार होने के साथ सामाजिक और धार्मिक खबरों की रिपोर्टिंग करता हूँ देश प्रदेश की योजनाओं और और सम सामायिक विषयों की जानकारी के लिए आप मुझसे संपर्क कर सकते हैं। हमारा उद्देश्य है कि आपको News Merchants.com के माध्यम से अच्छी सटीक और नई जानकारियाँ मिल सकें।

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